मेहनत कभी खाली नहीं जाती: मुकेश कुमार

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बेंगलूरु, (परिवर्तन)। किसी भी सफल व्यक्ति के जीवन की कहानी बिल्कुल आम लोगों की ही तरह होती है। वे यूं तो आम ही पैदा होते हैं लेकिन अपनी मेहनत और कर्मों से सफल बन जाते हैं। यह कहना है शहर के प्रसिद्ध व्यवसायी एवं समाजसेवी मुकेश कुमार जांगीड़ का। वे मानते हैं, यह केवल कहने की बात नहीं है कि मेहनत कभी खाली नहीं जाती, बल्कि जो व्यक्ति अपने कर्म क्षेत्र में कठोर परिश्रम करता है उसे उसका फल अवश्य मिलता है।

सामाजिक कार्यों में अपने अहम योगदान से समाज में विशेष स्थान प्राप्त करने वाले मुकेश जी बताते हैं कि जिस प्रकार आप कर्म क्षेत्र में उन्नति, प्रगति और विकास के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, ठीक उसी प्रकार आपको समाजिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए। वे कहते हैं, मैं मानता हूं कि समाज आगे बढ़ेगा तभी हम आगे बढ़ेंगे और हम आगे बढ़ेंगे तभी पूरा देश आगे बढ़ेगा। सभी को साथ लेकर चलना बेहद जरूरी है।
समाज में जरूरतमंदो की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले मुकेश कुमार जांगीड़ का कहना है कि समाज में समय समय पर विभिन्न प्रकार के समाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। ऐसे कार्यक्रमों से जरूरतमंद लोगों की मदद हो जाती है और खुद के मन को शांति भी मिलती है। शहर के विभिन्न संगठनों और संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े मुकेश कुमार समाज के सभी सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं और समाज हित में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
मुकेश जी के छोटे से परिवार में उनके अलावा उनकी पत्नी मंजू देवी, उनके बेटे पंकज एवं राहुल, बेटी मनीषा, पुत्रवधु दीपिका, पोती शनाया है। मुकेश जी बताते हैं कि दोनों बेटे पंकज और राहुल ने बेंगलूरु के ही एक प्रसिद्ध कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की और अब पारिवारिक व्यवसाय में हाथ बटांते हैं। मुकेश जी की बेटी मनीषा एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। 
मूल रूप से हरियाणा के निवासी मुकेश कुमार का जन्म 1 मई 1971 में हुआ। उन्होंने अपनी पढ़ाई नारनोल सिटी से पूरी की। वे बताते हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे कारपेंटरी के व्यवसाय से जुड़ें। वर्ष 1991 से लेकर 1995 तक उन्होंने नारनोल में ही कारपेंटरी के कामों में हाथ आजमाया। पूरी तरह से काम सीख जाने के बाद  उन्होंने फरीदावाद में वर्ष 1995 से लेकर 1997 तक व्यवसाय को आगे बढ़ाया। वर्ष 1997 में वे केवल छह महीनों के लिए दिल्ली में रहे एवं व्यवसाय को और आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। दक्षिणी राज्यों में कारपेंटरी के व्यवसाय को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मुकेश कुमार वर्ष 1998 में बेंगलूरु आए और यहीं बस गए। कई वर्षों तक कांट्रैक्टरी पर काम करने के बाद उन्होंने खुद कारपेंटरी कार्यों का ऑर्डर लेना शुरू कर दिया। आज फर्नीचर व्यवसाय के क्षेत्र में मुकेश कुमार ने अपनी पहचान खुद बनाई है। मुकेश जी की कंपनी का नाम श्री सावारियां मॉड्यूलर सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड है। 
बेंगलूरु में एक सफल व्यवसायी और समाजसेवी के रूप में पहचान हासिल करने वाले मुकेश कुमार का कहना है कि खुद पर विश्वास लिए ही आप आगे बढ़ सकते हैं और सफलता की बुलंदियों को छू सकते हैं। जीवन में संतुलन भी बनाए रखना चाहिए। इससे लोगों को कामयाबी जरूर मिलती है। वे कहते हैं कि अपने हर कार्य के लिए निर्दिष्ट समय का पालन करना चाहिए। शहर के विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों से जुड़ कर वे समाज सरोकार में अपना योगदान देते हैं।  
मुकेश कुमार बताते हैं कि शहर के पैलेस ग्राउंड में भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देवकीनंदन ठाकुर भागवत कथा विस्तार से सुनाएंगे। सात दिवसीय चलने वाले भागवत कथा के दौरान भक्तों को सातों दिन भंडारे का प्रसाद भी दिया जाएगा। भागवत कथा की शुरूआत 25 जनवरी से होगी।

किस किस संस्था एवं समाज से हैं जुड़े
इस्कॉन बेंगलूरु के ट्रस्टी
श्री खाटू श्याम ट्रस्ट के ट्रस्टी
विश्व शांति चेरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी
श्री नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर के ट्रस्टी 
श्री जाँगिड़ ब्राह्मण समाज बेंगलूरु के अध्यक्ष
श्री जाँगिड़ समाज एजुकेशन ट्रस्ट, दिल्ली

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मानव सेवा के लिए तत्पर रहे
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