रामनाथ गोयनका जर्नलिज़्म अवार्ड- 2019 का आयोजन

Total Views : 2,307
Zoom In Zoom Out Read Later Print

निडर पत्रकारिता का संदेश देते हुए कई पत्रकारों को किया गया सम्मानित - कई पत्रकार एवं अतिथियों को मिला सम्मान - एचएस डोरेस्वामी को लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड से किया गया सम्मानित बेंगलूरु, (परिवर्तन)। सोमवार को स्वर्गीय रामनाथ गोयनका के 115 वें जन्मोत्सव के अवसर पर उनके अनुजीय पौत्र एवं रामनाथ गोयनका चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रशांत गोयनका की अध्यक्षता में रामनाथ गोयनका जर्नलिज्म अवार्ड समारोह का आयोजन बड़े ही धूमधाम से किया गया।

रामनाथ गोयनका चेरिटेबल ट्रस्ट एवं कर्नाटक जर्नलिस्ट यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में बेंगलूरु के प्रेस क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता जगत में महत्वपूर्ण योगदान देने वालें पत्रकारों को सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व लोकायुक्त संतोष हेगड़े, ओड़िशा उच्च न्यायालय के पूर्व जज चीफ जस्टिस गोपाल गौड़ा, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटि के महासचिव सुभाष अग्रवाल, कर्नाटक मीडिया एकाडेमी के चेयरमैन एम सिद्धराजू, साहित्यकार पद्मश्री डोड्ड रंगे गौड़ा, डॉ सतीश गोयल, डॉ महेंद्र कुमार जैन, डॉ संजय जल्लान, बिपिन राम अग्रवाल समेत अन्य कई शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी मुख्य अतिथियों ने अपना स्थान ग्रहन किया। इसके बाद कर्नाटक जर्नलिस्ट यूनियन के महासचिव नरेंद्र नाथ ने सभी मुख्य अतिथि और कार्यक्रम में शामिल लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारों को समय-समय पर प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है, लेकिन कई बार प्रादेशिक पत्रकारों को राष्ट्रीय स्तर पर वो एक्पोज़र नहीं मिल पाता, जिसके वे हकदार होते हैं। उन्होंने कहा, इसीलिए आज कर्नाटक प्रदेश और पत्रकारिता में अपने अहम योगदानों के लिए स्थानीय पत्रकारों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सर्वप्रथम स्वरकोकिला छाया गांधी ने अपनी मधुर आवाज में गणेश वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी। उन्होंने स्वर्गीय रामनाथ गोयनका का प्रिय गीत “वैष्णव जन को” गाने की भी प्रस्तुति दी। उनकी सुरीली आवाज से सभा में उपस्थित सभी अतिथि मंत्रमुग्ध हो गए। इस दौरान सभी मुख्य अतिथियों ने रामनाथ गोयनका के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं द्वीप प्रज्जवलित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वतंत्रता सेनानी एवं अपने समय के निडर पत्रकार रहे 101 वर्षीय एचएस डोरेस्वामी को उनके योगदानों के लिए लाइफ टाइम एचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए कन्नड़ दैनिक अखबार ‘संयुक्त कर्नाटक’, निडर पत्रकारिता के लिए फीयरलेस जर्नलिज़्म अवार्ड बीटीवी कन्नड़ के प्रबंध निदेशक जीएम कुमार को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त विशेष पत्रकारिता पुरस्कार से ‘टीवी 9’ के सीईओ अब्दुल हकीम, ‘राज टीवी’ के एडिटर इन चीफ हामिद पाल्या, कन्नड़ साप्ताहिक ‘भानुवरा’ के संपादक महादेव प्रकाश, और ‘संजे वानी’ के एडिटर इन चीफ बीपी मालप्पा को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अगले चरण में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल पूर्व लोकायुक्त संतोष हेगड़े ने कहा कि एक अच्छे समाज के गठन के लिए पत्रकार और पत्रकारिता का महत्व बहुत अधिक माना जाता है। इसीलिए समय-समय पर इस क्षेत्र में उनके योगदानों के मद्देनज़र उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए। मैं मानता हूं खबरों को केवल शांति और तृप्ति तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए बल्कि जितना हो सके सच्ची पत्रकारिता को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया और फेक न्यूज़ का बोलबाला है, ऐसे में सच्चाई के लिए लड़ने और सच्ची खबरों को दिखाए जाने वालों की संख्या भी दिन पर दिन घटती जा रही है। इस युग में सच्ची पत्रकारिता को जिंदा रखना बहुत जरूरी है।

इस अवसर पर शामिल मुख्य अतिथि और साहित्यकार पद्मश्री डोड्ड रंगे गौड़ा ने भी अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा पत्रकारिता जगत में स्वतंत्रता से लेकर अपने समय तक रामनाथ जी का योगदान बेहद अतूल्य रहा है। विकट परिस्थितियों में भी उन्होंने कभी पत्रकारिता से समझौता नहीं किया और अपने कर्तव्यों का बखूबी पालन किया। उन्होंने कहा मैं मानता हूं कि सत्य को न कभी छुपाया जा सकता है और न कभी इसे छुपाया जाना चाहिए। रामनाथ जी का भी यही प्रण था कि वे हमेशा सच पर डटे रहेंगे चाहे उनके साथ कोई हो या चाहे न हो। आज पत्रकारिता ने समाज को एक नई दिशा दी है।

पूर्व चीफ जस्टिस गोपाल गौड़ा ने अपने कथन की प्रस्तुति देते हुए कहा काफी अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि आज पत्रकारिता के मायने बदल गए हैं। पत्रकारिता अब केवल समाज हित और सरोकार तक सीमित नहीं है। कोर्ट में अपने कार्यकाल के दौरान मैंने इस बात को बड़े करीब से महसूस किया। उन्होंने कहा कि कई बड़े पत्रकार ऐसे भी हैं को खबरों को केवल सनसनी खेज़ बनाने के लिए उन्हें तोड़ मरोड़ कर जनता के समक्ष पेश किया करते हैं, जो कि सरासर गलत है। पत्रकारों को अपना दायित्व नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा प्रेस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, उन्हें इसकी गरिमा का ख्याल रखना चाहिए।


‘भारत रत्न’ से सम्मानित हो रामनाथ गोयनका

इस मौके पर रामनाथ गोयनका के अनुजीय पौत्र एवं रामनाथ गोयनका चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रशांत गोयनका ने कहा कि पत्रकारिता जगत में आज भी रामनाथ जी के योगदानों को याद किया जाता है, कि कैसे उन्होंने अपने सिद्धांतों पर चलकर आपातकाल के दौरान सरकार के खिलाफ निर्भिक और सच्ची पत्रकारिता की। उन्होंने कहा कि रामनाथ गोयनका जर्नलिज़्म अवार्ड को एक साधारण पुरस्कार न समझें, क्योंकि जब इस पुरस्कार से देश के सबसे निर्भिक पत्रकार रामनाथ गोयनका का नाम जुड़ा हो तभी इसके मायने बदल जाते हैं। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि रामनाथ जी में अनेक गुण रहे, जिसमें से एक सफल प्रबंधक के रूप में उनकी परिचय सबसे अहम है। मैंने यह उन्हीं से सीखा है कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी सही व्यक्ति और सटीक खबर के साथ वे कभी समझौता नहीं करते थे, यही गुण होते है एक सच्चे और प्रबल प्रबंधक की।

साथ ही उन्होंने आपातकाल के दौरान समाज सरोकार एवं सच्ची पत्रकारिता के लिए रामनाथ गोयनका के योगदानों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के समय में रामनाथ गोयनका हर नए एवं उभरते हुए पत्रकार के रोल मॉडल हैं, इसीलिए उनके योगदानों को याद करते हुए उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान यानी भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी हर सभा या रैली में कांग्रेस को आड़े हाथों लेने के लिए आपातकाल के समय को याद दिलाते हैं और उस समय की इंदिरा गांधी की सरकार पर कीचड़ उछालते हैं। लेकिन मैं मानता हूं कि अपने इस कथन में वे आपातकाल के नायक को याद करना भूल जाते हैं। आपातकाल के दौरान रामनाथ गोयनका ने जिस प्रकार अपने दृढ़ निश्चय से इंदिरा गांधी की सरकार का सामना निडरता के साथ किया और समय समय पर आम जन मानस तक सरकारी नीतियों का ब्योरा पहुंचाते रहे इसका उल्लेख भी जरूरी है। प्रशांत गोयनका ने कार्यक्रम में उपस्थित बेंगलूरु के पत्रकारों, उद्यमी, व्यवसायी, समाज एवं अन्य सभी से रामनाथ गोयनका को भारत रत्न दिए जाने की दिशा में सहयोग की भी मांग की। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर एक अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत इस मांग को हस्ताक्षर और चिट्टियों के माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान समारोह में शामिल सभी गणमान्य व्यक्तियों ने अभियान को अपना समर्थन दिया और इस मांग को आगे तक ले जाने का प्रण लिया।

बता दें कि रामनाथ गोयनका को भारत रत्न दिए जाने की मांग को लेकर प्रशांत गोयनका द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्व में यानी वर्ष 2016 में उन्होंने दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया। इस दौरान कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल के नेताओं ने अपना समर्थन दिया और इसे आगे बढ़ाने को लेकर एकजुट हुए। उन्होंने लगातार केंद्रीय सरकार पर दवाब बनाने का भी आश्वासन दिया। प्रशांत गोयनका बताते हैं कि दुर्भाग्य यह है कि रामनाथ जी के योगदानों को याद रखने वाले कई हैं लेकिन आज की बिकाऊ और भ्रष्ट मीडिया उनके आदर्शों एवं सिद्धांतों को भूल गई है। आपातकाल के दौरान प्रेस की आजादी के लिए जिस प्रकार उन्होंने अपने कर्तव्यों को न भूला कर देश और जन हित में कार्य किए हैं, उनके इन्हीं योगदान को सम्मान कर भारत सरकार द्वारा उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।


अन्य अतिथियों का भी किया सम्मान

सोमवार को प्रेस क्लब में आयोजित इस समारोह में शामिल सभी मुख्य अतिथियों का सम्मान किया गया। इनमें पूर्व लोकायुक्त संतोष हेगड़े, पूर्व चीफ जस्टिस गोपाल गौड़ा, डोड्ड रंगे गौड़ा, एम सिद्धाराजू, डॉ सुभाष अग्रवाल, डॉ सतीष गोयल, डॉ महेंद्र कुमार जैन, डॉ संजय जल्लान एवं बिपिन राम अग्रवाल शामिल हैं। इसके अलावा कर्नाटक जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष नारायण बी, एवं महासचिव नरेंद्र नाथ, स्वरकोकिला छाया गांधी समेत अन्य कई गणमान्य अतिथियों का सम्मान किया गया।

See More

Latest Photos