साक्षात्कार : ज्वेल्स ऑफ कर्नाटक पुस्तक से

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कर्नाटक के रत्नों का सम्मान करने के उद्देश्य से परिवर्तन समाचार पत्र द्वारा ज्वेल्स ऑफ कर्नाटक नामक पुस्तक का विमोचन किया जाना है। लेकिन इससे पहले हम राज्य के प्रत्येक रत्नों के व्यक्तिगत उपलब्धियों के बारे में और उनकी सफलता की कहानियों के बारे में बताने जा रहे हैं। आज के अंक में बेंगलुरु के प्रसिद्ध व्यवसायी (हैलो किड्स के निदेशक) और समाजसेवी प्रीतम अग्रवाल की उपलब्धियों और सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान के बारे बताया जा रहा है।

करें खुद को बेहतर बनाने के लिए प्रतियोगिता

बेंगलूरु, (परिवर्तन)। स्कूल में जैसे हम अपने कक्षा के सहपाठियों के साथ प्रतियोगिता करते थे ठीक उसी प्रकार जीवन के हर मोड़ पर हमें खुद को और बेहतर बनाने के लिए प्रतियोगिता करनी होती है। लेकिन प्रतियोगिता अगर करनी है तो खुद से करें क्योंकि खुद से प्रतियोगिता करने पर आपको अपनी योग्यता का पता चलेगा और आपको अपनी कमजोरी भी ज्ञात होगी। इससे आप खुद को और बेहतर बना सकते है। यह कहना है हैलो किड्स स्कूल के निदेशक और समाजसेवी प्रीतम अग्रवाल का। उन्होंने कहा कि आज कल युवाओं को जल्द ही सक्सेस पाने की चाहत होती है, इसीलिए वे कई बार गलत रास्तों पर चले जाते हैं। मैं मानता हूं कि सफलता रातोंरात नहीं मिलती और उसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। इसीलिए सबसे पहले अपने जीवन के लक्ष्य को निर्धारित करें, क्योंकि बिना लक्ष्य के आप कभी आगे नहीं बढ़ सकते। 
दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत के दम पर सफलता हासिल करने वाले प्रीतम अग्रवाल बताते हैं कि जीवन में आगे बढऩे के लिए उनके परिवार के हर एक सदस्य ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया और हर मोड़ पर उनका साथ दिया। वे बताते हैं कि आज देश में हैलो किड्स एक ब्रांड बन गया है और इसे बनाने में पापा सीताराम अग्रवाल और पत्नी सुनीता जैन का काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा। देश भर में हेलो किड्स के करीब 600 स्कूल हैं, जिनमें करीब 35 हजार बच्चे पढ़ते हैं।  
प्रीतम जी के छोटे से परिवार में उनके अलावा पिता सीताराम अग्रवाल, मां शकुंतला अग्रवाल, पत्नी सुनीता जैन और बेटा श्लोक व बेटी सांची है। प्रीतम जी के दो भाई प्रवीण अग्रवाल स्कूल की गतिविधियों में काम आने वाले उपकरण और भाई पंकज अग्रवाल लकडिय़ों के खिलौनो का निर्माण का व्यवसाय करते हैं। प्रीतम जी बताते हैं कि दोनों बच्चे जुड़वां हैं और दोनों अभी नर्सरी में पढ़ते हैं।
मूल रूप से ओडि़शा के निवासी प्रीतम अग्रवाल का जन्म एक जुलाई 1981 में सेंतला में हुआ। उन्होंने अपनी कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से पूरी की, जिसके बाद वे अपनी आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए। दिल्ली में उन्होंने 12वीं और स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय से पूरी की। वे बताते हैं कि उन्होंने आईआईपीएम से एमबीए की शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रीतम जी नौकरी के सिलसिले में यूके चले गए। करीब डेढ़ साल वहां सेल्स और मार्केटिंग में नौकरी करने के बाद वे भारत लौट आएं। उन्होंने बताया भारत लौटने के बाद पापा के दोस्त संतोष शर्मा से मुझे काफी प्रेरणा मिली। उन्होंने मुझे हमेशा कुछ अलग करने को लेकर प्रेरित किया। आज उसी का नतीजा है कि मैं हैलो किड्स स्कूल की स्थापना कर पाया।
साल 2005 में उन्होंने पहले हैलो किड्स स्कूल की स्थापना बेंगलूरु के सीवीरमन नगर में की। वे बताते हैं कि बच्चों की शुरुआती शिक्षा काफी महत्वपूर्त होती है और बच्चों को अच्छे माहौल में शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से हमने हैलो किड्स की स्थापना की। यह सिलसिला बढ़ता गया और आज देश भर में हैलो किड्स ने सर्वश्रेष्ठ प्ले स्कूल के रूप में अपनी पहचान हासिल कर ली। 
वो कहते हैं न प्रत्येक सफल व्यक्ति के पीछे किसी औरत का हाथ होता है। प्रीतम जी बताते हैं कि यह कथन बिल्कुल सच है। वर्ष 2006 में सुनीता से शादी के बाद जीवन में कई प्रकार से मैंने तरक्की देखी। सुनीता ने शादी के बाद स्कूल की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली औऱ हर कदम पर कंधे से कंधा मिलाकर मेरा साथ दिया। वे बताते हैं कि आज सुनीता बेंगलूरु समेत देश के सभी स्कूलों की जिम्मेदारी खुद संभालती है।   
जीवन में इच्छाशक्ति और लक्ष्य को महत्वपूर्ण मानने वाले प्रीतम अग्रवाल का कहना है कि स्कूल के समय अच्छा पढ़ लिख लेना काफी नहीं होता। जीवन में आगे बढऩे के लिए हर कदम की तैयारी आपको खुद करनी पड़ती है। अपनी आने वाली किताब द ब्रिलिएंट बैक बेंचर्स के बारे में बताते हुए प्रीतम अग्रवाल ने कहा कि किताब का लोकार्पण जनवरी में होने वाला है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि इस किताब को हर कोई पढ़े खासतौर पर नए उद्योगी। उन्हें इससे काफी प्रेरणा मिलेगी। प्रीतम जी बताते हैं कि आने वाले सत्र में बेंगलूरु के हेन्नूर के समीप रिवरस्टोन इंटरनेशनल स्कूल की शुरुआत करने जा रहे हैं। यहां बच्चों को हायर एजुकेशन प्राप्त होगा।
किस किस संस्था एवं समाज से हैं जुड़े
इंटरनेशनल वैश्य फेडेरेशन, बेंगलूरु के व्यापार संयोजक
अर्ली चाइल्डहुड एसोसिएशन के उपाध्यक्ष
अग्रवाल युथ कनेक्ट के संयोजक
ओडि़शा कल्चरल एसोसिएशन बेंगलूरु के सदस्य
जीवन की महत्वपूर्ण बातें
लक्ष्य का निर्धारण करें 
खुद से ही प्रतियोगिता करें
ईमानदार बनें
जो करें वो सर्वश्रेष्ठ करें
जीवन में अनुशासन बनाए रखें
समय के महत्व को समझें

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