राज्य में कन्नड़ भाषा को दिया जाएगा बढ़ावा

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बेंगलूरु, (परविर्तन)।

कन्नड़ भााषियों को घर का लाभ देने के लिए कर्नाटक की बीएस येदियुरप्पा सरकार बड़ा कदम उठाने की सोच रही है।। राज्य सरकार ऐसे लोगों के लिए कन्नड़ लैंग्वेज स्किल टेस्ट यानी कन्नड़ भाषा कौशल परीक्षा शुरू करना चाहती है जो कि कर्नाटक में शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश या नौकरी करना चाहते हैं। केंद्र की ग्रुप सी और डी पदों के लिए उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा की तर्ज पर यह टेस्ट कराने की योजना बनाई जा रही है। कन्नड़ विकास प्राधिकरण (केडीए) के अध्यक्ष टी. एस. नागभरण ने कहा कि इस टेस्ट के जरिए किसी व्यक्ति की कन्नड़ भाषा का उपयोग करने और समझने की क्षमता का मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी। इसका उद्देश्य न सिर्फ स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा करना है, बल्कि स्थानीय लोगों और जो लोग काम करते हैं, उनके बीच बेहतर संपर्क सुनिश्चित करना है। टी. एस. नागभरण ने कहा कि हमने सीएम येदियुरप्पा से अपने राज्योत्सव संबोधन में इस घोषणा को शामिल करने का अनुरोध किया है। उधर, कन्नड़ मंत्री सीटी रवि ने कहा कि कानून आने से पहले कैबिनेट इस मामले पर विचार-विमर्श करेगी।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि राज्य में कन्नड़ को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत अगले एक साल को कन्नड़ कयाका वर्ष (कन्नड़ एक्शन ईयर) के रूप में मनाने के लिए रूपरेखा की घोषणा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यहां 65वें कन्नड़ राज्योत्सव के मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, कन्नड़ कयाका वर्ष अब से 31 अक्टूबर, 2021 तक मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के युग में, कन्नड़ के संरक्षण और उसे बढ़ावा देने के लिए अगले एक वर्ष में विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक कोविड-19 महामारी और बाढ़ से प्रभावित हुआ तथा उनकी सरकार ने दृढ़ता से इन चुनौतियों का सामना किया।

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