कुमारस्वामी ने लगाए भाजपा सरकार पर तीखे आरोप

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बेंगलूरु, (परिवर्तन)।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने योगा विश्वविद्यालय और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) सहित तीन संस्थानों को बेंगलूरु विश्वविद्यालय परिसर में 32 एकड़ भूमि आवंटित करने के राज्य सरकार के फैसले की आलोचना की। कुमारस्वामी ने राज्य सरकार से अपना फैसला तुरंत वापस लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, योगा विश्वविद्यालय और गुलबर्गा विश्वविद्यालय को 15 एकड़ और दक्षिण भारत के कार्यालय के लिए सीबीएसई को 2 एकड़ सहित 32 एकड़ आवंटित करने का निर्णय, बैंगलोर विश्वविद्यालय परिसर को एक कंक्रीट जंगल में बदल देगा। राज्य सरकार को इन संस्थानों को अन्यत्र भूमि आवंटित करनी चाहिए और जैव विविधता पार्क की रक्षा करनी चाहिए। बैंगलोर विश्वविद्यालय के ज्ञान भारती परिसर में दो दशक पहले पेड़ लगाए गए थे और इसे जैव विविधता पार्क माना जाता है।

उन्होंने कहा, लगभग दो दशकों के लिए, पर्यावरण विशेषज्ञों ने जैव विविधता पार्क को विकसित करने के लिए प्रयास किए हैं। बिना किसी परामर्श के सरकार का एकतरफा फैसला खतरनाक साबित हो सकता है और यह फैसला इस खुबसूरत पार्क को तबाह कर देगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट्स की एक श्रृंखला में उक्त बातें कही। उन्होंने आगे कहा, वरिष्ठ पर्यावरणविद् येलप्पा रेड्डी ने इस फैसले के विरोध में मानद उपाधि लौटा दी है। अन्य पर्यावरणविदों ने भी समर्थन किया है।

येलप्पा रेड्डी को 2009 में परिसर में जैव विविधता पार्क विकसित करने की दिशा में उनके योगदान के लिए डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया था। इस भूमि को सीबीएसई के दक्षिणी केंद्र, कर्नाटक के केंद्रीय विश्वविद्यालय, गुलबर्गा और योगिक विज्ञान के लिए इंटर यूनिवर्सिटी केंद्र के लिए पट्टे पर दिया गया था। कुमारस्वामी ने बताया कि जैव विविधता पार्क वनस्पति विज्ञान, जीव विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान और सामाजिक विज्ञान सहित पाठ्यक्रमों में नामांकित सैकड़ों छात्रों के शोध कार्य में मदद कर रहा था।

मीडिया बना रही मनगढंत कहानी

जद(एस) नेता एचडी कुमारस्वामी ने मीडिया में आई उन खबरों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिनमें कहा गया है कि मादक पदार्थ मामले में मेंगलूरु सीसीबी पुलिस की पूछताछ का सामना करने वाली लोकप्रिय टीवी एंकर अनुश्री ने एक पूर्व मुख्यमंत्री से मदद मांगने के लिये संपर्क किया था। कुमारस्वाामी ने उस मुख्यमंत्री की पहचान जाहिर करने की मांग की। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने इन खबरों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या मीडिया का इस्तेमाल करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए। कुमारस्वामी ने कहा, मैं मादक पदार्थ मामले में चल रही जांच को लेकर मीडिया में चल रही खबरें देख रहा हूं। हर दिन ऐसी खबरें आती हैं कि नेताओं, उद्योगपतियों और प्रभावशाली लोगों के बच्चे इसमें शामिल हैं और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। हर दिन मनगढंत खबरें सामने आ रही हैं। कुमारस्वामी ने यहां पत्रकारों से कहा कि मीडिया में आ रही खबरों में सीसीबी सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि अनुश्री की कॉलर लिस्ट में खुलासा हुआ है कि जैसे ही सीसीबी ने उन्हें पूछताछ के लिये तलब किया, वह प्रभावशाली नेताओं से संपर्क करने लगीं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे और एक प्रभावशाली नेता के बारे में भी खबरें चल रही हैं। कुमारस्वामी ने कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ अपना नाम भी गिनाते हुए पूछा कि किस अधिकारी ने मीडिया को ऐसी जानकारियां दीं? किस आधार पर एक पूर्व मुख्यमंत्री का नाम लिया जा रहा है? वह कौन है? उसका नाम जाहिर किया जाना चाहिये।

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