हाई कोलेस्ट्रॉल के ख़तरों से बचें

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बेंगलूरु, (परिवर्तन)।

आज के दौर में कोलेस्ट्रॉल लेवल का बढ़ना एक मुसीबत बन चुका है। बढ़ते कोलेस्ट्रॉल लेवल का शिकार आज के समय में हर वर्ग के लोग हो रहे हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से व्यक्ति को दिल का दौरा, स्ट्रोक और अन्य गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं। अगर आपके कमर के आस-पास का घेरा बढ़ता जा रहा है तो सावधान हो जाएं, ये कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का संकेत हो सकते हैं। इस स्थिति में कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूर करा लें। इसके अलावा कुछ ऐसे लक्षण हैं, जिसके माध्यम से आप पहचान सकते हैं कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ रही है या नहीं। 

कोलेस्ट्रॉल क्या है?

कोलेस्ट्रॉल एक वसा युक्त पदार्थ है, जो हमारे शरीर की हर कोशिकाओं में मौजूद होता है। ये शरीर में कोशिकाओं को स्वस्थ, हार्मोंस के निर्माण और हार्मोंस को ठीक रखने का काम करता है। कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरूरी है। हार्मोनों को नियंत्रित करने में कोलेस्ट्रॉल की अहम भूमिका होती है। लिवर के जरिए 80 प्रतिशत कोलेस्ट्रॉल शरीर में खुद बनाता है। वहीं, 20 फीसदी कोलेस्ट्रॉल भोजन के जरिए हमारे शरीर में पहुंचता है। वसा में घुलनशील विटामिन्स के मेटाबॉलिज्म के लिए भी कोलेस्ट्रॉल की जरूरत होती है।

इन लक्षणों से पहचाने बढ़ रहा है कोलेस्ट्रॉल

अधिक पसीना आना - गर्मियों में पसीना आना साधारण सी बात है, लेकिन अगर आपको जरूरत से ज्यादा पसीना आ रहा है, तो सावधान हो जाएं। क्योंकि ये कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का संकेत हो सकता है। अगर आपको ऐसे लक्षण दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।

पैरों में दर्द रहना - पैरों में दर्द कई कारणों से हो सकता है। लेकिन अगर बिना किसी कारण से हमेशा आपके पैरों में दर्द रहता है, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह लें। क्योंकि पैरों में दर्द भी हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षणों में से एक है। 

सांस फूलने की समस्या - थोड़ा सा चलने में या फिर हल्का फुल्का काम करने में भी आपकी सांसें फूलने लगती हैं, तो समझ लीजिए आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ रहा है।

सिर में लगातर तेज दर्द रहना - सिर में दर्द भी कई कारणों से हो सकते हैं, लेकिन अगर आपके सिर में लगातार कई दिनों तक दर्द हो रहा है, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह लें। क्योंकि ये हाई कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकता है। 

हाई ब्लड प्रेशर - हाई ब्लड प्रेशर होना कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने का संकेत हो सकता है।

क्या होते हैं हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण 

यदि आपको कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो आपको चिंतित होना चाहिए। लेकिन इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि आप इसे आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं। उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर सिर्फ उच्च कोलेस्ट्रॉल आहार के कारण नहीं होता है, बल्कि इसके पीछे फैमिली हिस्ट्री, आपकी डाइट और लाइफस्टाइल जैसी कई चीजें निर्भर करती हैं। नीचे इससे जुड़े कारणों को विस्तार से बताया जा रहा है।

धूम्रपान - धूम्रपान धमनियों की दीवारों को नुकसान पहुंचाता है और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। आप धूम्रपान छोड़ने से अपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार कर सकते हैं। 

फैमिली हिस्ट्री - कई चीजें ऐसी होती है जो परिवार दर परिवार चलती हैं। यानि कि आपको अपने पेरेंट्स से एक जैसे फीचर्स, आंखों का रंग और स्किन टोन मिलने के साथ ही बीमारियां भी मिलती हैं। कुछ रोग ऐसे हैं जो फैमिली हिस्ट्री पर निर्भर करते हैं, उन्हीं में एक है कोलेस्ट्राल रोग। यदि आपके परिवार में किसी को यह समस्या रही है तो आपको भी उच्च कोलेस्ट्रॉल की शिकायत हो सकती है। 

आपके लिंग पर भी करता है निर्भर - महिलाओं की तुलना में पुरुषों में उच्च कोलेस्ट्रॉल की संभावना अधिक होती है। महिलाओं में, रजोनिवृत्ति तक कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम रहता है। हालांकि, रजोनिवृत्ति के बाद उनके कोलेस्ट्रॉल का स्तर पुरुषों में उसी स्तर के बारे में बढ़ जाता है।

उम्र भी बनता है आधार - उम्र के साथ उच्च कोलेस्ट्रॉल विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। 45 वर्ष से ऊपर के पुरुष और 55 वर्ष से अधिक की महिलाएं अपने युवा समकक्षों की तुलना में अधिक जोखिम में हैं।

शारीरिक फिटनेस - जो ​लोग अपनी फिटनेस पर ध्यान नहीं देते हैं उनमें उच्च कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ जाता है। शारीरिक गतिविधियों की कमी से खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल में कमी हो सकती है। इसलिए, नियमित रूप से व्यायाम करें क्योंकि यह आपके रक्त में स्वाभाविक रूप से खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और एचडीएल (अच्छा) कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है।

आपका वजन - अधिक वजन होना न केवल आपके सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है बल्कि यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी बढ़ाता है क्योंकि आपके शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स के रूप में अतिरिक्त कैलोरी जमा होती है। ट्राइग्लिसराइड के उच्च स्तर एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं। आप वजन कम करके कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार कर सकते हैं।

आपकी डाइट - यदि आप बहुत अधिक संतृप्त वसा वाले भोजन खा रहे हैं जैसे कि बीफ, पोर्क, वील, दूध, अंडे, मक्खन, और पनीर या पैकेज्ड खाद्य पदार्थ जिनमें नारियल तेल, ताड़ का तेल या कोकोआ मक्खन शामिल हैं, तो आपका आहार संभवतः आपके उच्च स्तर में योगदान दे रहा है, कोलेस्ट्रॉल।


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कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए आजमाए घरेलू उपाय

शरीर में हाई कोलस्ट्राल को समय रहते नियंत्रण में रखना बेहद जरूरी है। कोलेस्ट्रॉल आपको बेवजह परेशान कर सकता है। यहां हम आपको कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के कुछ घरेलू उपायों के बारे में बता रहे हैं, ये निम्न है -

लहसुन :  लहसुन कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी असरदार है। इससे खून का थक्का बनने की आशंका कम होती है, रक्तचाप कम होता है व संक्रमण से बचाव होता है। नए शोध के अनुसार लहसुन का नियमित सेवन धमनियों में प्लाक जमने से रोकता है। ताजे लहसुन की दो से चार कलियों का नियमित रूप से सेवन करें।

ओट्स :  कोलेस्ट्रॉल कम करना चाहते हैं तो बेहतर है कि सुबह के खाने को बदलने से शुरुआत करें। सुबह के नाश्ते में ओट्स लेना बुरे कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को कम करने में मदद करता है। ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकेन एलडीएल को अवशोषित कर लेता है।

बींस :  एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी पॉलीटेक्निक में हुए एक शोध में पाया गया कि सूप में आधा कप बींस मिलाना कुल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। एलडीएल में 8 % तक की कमी आती है। राजमा,  काले व सफेद लोबिया में फाइबर की अधिकता कोलेस्ट्रॉल को सोखती है।

जैतून का तेल :  जैतून के तेल में हृदय के लिए लाभकारी मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करते हैं। जैतून के तेल से पेट की वसा कम होती है। इसे सलाद व फल-सब्जियों के ऊपर डाल कर खाएं

मेवे :  यदि कोलेस्ट्रॉल कम करने की सोच रहे हैं तो मेवे खासतौर पर अखरोट का सेवन करें। अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार अखरोट का नियमित सेवन एलडीएल के साथ कुल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। बादाम व काजू को भी शामिल करें। मेवों में कैलोरी की अधिकता होती है,  इसलिए एक मुट्ठी मेवों का नियमित सेवन फायदेमंद रहेगा।

पालक :  पालक में ल्युटेन होता है। पीले रंग का यह पिग्मेंट हरी पत्तेदार सब्जियों व अंडे के पीले वाले हिस्से में पाया जाता है। उम्र बढ़ने के साथ आंखों में आने वाली कमजोरी को दूर करने में यह असरदार है। हालिया शोध कहते हैं कि पालक का सेवन धमनियों की परत को सुरक्षा प्रदान कर हृदयाघात से बचाता है। प्लाक जमने से रोकता है। छोटे पत्ते वाले ताजे पालक की पत्तियों को सलाद में इस्तेमाल करें या फिर माइक्रोवेव में कुछ देर पका कर डिश के ऊपर डाल कर खाएं।

चाय : चाय को कैंसररोधी एंटीऑक्सीडेंट्स के कारण जाना जाता है, पर इसमें एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने वाले तत्व भी होते हैं। एक अध्ययन के अनुसार ब्लैक टी का तीन सप्ताह तक नियमित सेवन ब्लड लिपिड को 10 प्रतिशत तक कम कर देता है।

एवोकाडो :  यह दिल के लिए लाभदायक मोनोसेचुरेटेड वसा का अच्छा स्रोत है। इससे अच्छे कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) की मात्रा बढ़ जाती है। इसमें कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने वाला बीटा सिटोस्टेरॉल होता है, जो भोजन से मिलने वाले कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है।


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