राज्य क्यों बना रहे अपने अलग कानून

Total Views : 714
Zoom In Zoom Out Read Later Print

बेंगलूरु, (परिवर्तन)।

देश में एक ओर कोरोना उफान पर है, तो वहीं दूसरी ओर राज्य सरकारें अपने अपने राज्यों में राजनीतिक समीकरण में जोड़ घटाव करने में व्यस्त है। ये वह मौका है जब राज्य सरकारों को केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहिए लेकिन यहां परिस्थितियों के विपरीत परिदृश्य कुछ और ही बनता दिखाई दे रहा है। देश के कुछ राज्यों में आने वाले दिनों में चुनाव होने वाले हैं, लेकिन कोरोना से जूझते हुए चुनाव कैसे आयोजित किया जाएगा, ये बाद की बात हैं। हालांकि चुनाव के मद्देनजर कुछ राज्यों ने राज्य स्तर पर अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। वोटरों को लूभाने के लिए तरह तरह के एवं नए-नए हथकंडें आज़माए जा रहे हैं। इससे जुड़ी एक खबर हरियाणा से आई, जहां राज्य सरकार ने एक अध्यादेश को पारित करने की अनुमति दे दी। अध्यादेश के अनुसार, राज्य में प्राइवेट सेक्टरों में हरियाणा के लोगों को 75 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का प्रावधान व्यक्त किया गया है। मालूम हो कि जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के दुष्यंत चौटाला ने राज्य के युवाओं से चुनाव अभियान के दौरान इस आरक्षण का वादा किया था। राज्य में काफी उठापटक के बाद क्षेत्रीय पार्टी जेजेपी ने भाजपा के साथ मिल कर राज्य में सरकार का गठन किया था। 

इस आध्यादेश के अनुसार, राज्य के 75 प्रतिशत युवाओं को प्राइवेट कंपनियों द्वारा नौकरी देना अनिवार्य होगा, ऐसा न किए जाने पर कंपनी पर 25 हजार से लेकर एक लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर राज्य सरकारें अपने अपने राज्यों में आरक्षण की घोषणा कर देती है तो जिन राज्यों में औद्योग और प्राइवेट सेक्टर की नौकरियां उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे राज्य के युवा नौकरी की तलाश में कहां भटकेंगे। राज्य सरकार की ये मनमानी कहां तक उचित है। एक ओर जहां केंद्र सरकार युवाओं को रोजगार देने की बात कर रही हैं, वहीं अपनी राज्य आरक्षण की घोषणा कर देते हैं तो विभिन्न राज्यों के युवाओं को नौकरी देगा कौन। फर्ज कीजिए एक अकेले गुड़गांव में हजारों निजी कंपनियां हैं, वहां अगर हर कंपनी में 75 प्रतिशत आरक्षण हरियाणा के युवाओं के लिए रखा जाए तो कम्पनियों और अन्य राज्य से हरियाणा में कार्य कर रहे युवाओं की हालत क्या होगी। क्या इस फैसले से गुंड़गांव में काम करने वाले युवाओं की नौकरी सुरक्षित रह पाएगी।  

एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जेजेपी एवं भाजपा की गठबंधन वाली सरकार अपने वादे पर कायम है, और राज्य के प्रत्येक युवा को रोज़गार देने के लिए सभी प्रयास सरकार द्वारा किए जा रहे हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि भाजपा का यह नारा अगर देशहित में है तो पूरे देश को एक सूत्र में जोड़ कर भी फैसले लिए जा सकते है, न केवल किसी राज्य विशेष के लिए। आगे भी ऐसा ही चलता रहा तो ऐसे फैसले एक दिन देश को जोड़ने नहीं बल्कि तोड़ने के रूप में देखे जाने लगेंगे। केंद्र सरकार को इस विषय पर ध्यान देना चाहिए।

See More

Latest Photos