‘द वायर’ पर एफआईआर के पीछे मीडिया की स्वतंत्रता दबाने का उद्देश्य : चिदंबरम

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नई दिल्ली, (परिवर्तन)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने भारतीय समाचार वेबसाइट ‘द वायर’ के खिलाफ दर्ज एफआईआर को मीडिया की स्वतंत्रता बाधित करने वाला अपमानजनक कृत्य करार दिया है।

उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के इशारे पर राजनीति से प्रेरित होकर की गई। सरकार को चाहिए कि वह इस एफआईआर को तुरंत वापस ले। कांग्रेस नेता ने एफआईआर के पीछे फेक न्यूज अथवा भ्रम फैलाने वाले संदेशों से जोड़े जाने की बातों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ‘द वायर’ की जिस स्टोरी को लेकर यह कार्रवाई की गई है, वह पूरी तरह तथ्यों पर ही आधारित है। चिदंबरम ने इस बाबत ट्वीट कर कहा, ‘उप्र सरकार ने 'द वायर' के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है जिसमें तथ्यों और केवल तथ्यों के साथ स्टोरी है। ‘कोई तथ्य' गलत नहीं है ना गलत होने का आरोप है तो अपराध कैसा? एफआईआर मीडिया की स्वतंत्रता को दबाने के उद्देश्य से किया गया एक अपमानजनक कृत्य है। एफआईआर को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।’ उल्लेखनीय है कि 'द वायर' ने अपनी एक स्टोरी में लिखा कि 24 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा के एक दिन बाद योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा था कि 25 मार्च से दो अप्रैल तक रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में आयोजित होने वाले बड़े मेला हमेशा की तरह आगे बढ़ेगा। इस तरह आदित्यनाथ ने 10 से ज्यादा की संख्या में लोगों के साथ अयोध्या में एक धार्मिक समारोह में भाग लेने के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश का उल्लंघऩ किया। इस रिपोर्ट पर उप्र सीएम के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने कहा था कि 'द वायर' झूठ फैलाने की कोशिश न करे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कभी ऐसा नहीं कहा था। इसे तुरंत नहीं हटाया गया तो मानहानि का मुकदमा किया जाएगा।'

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