दिल्ली की जेलों से कैदियों की संख्या घटाएगी सरकार, विशेष पैरोल और फरलो पर होगी रिहाई

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नई दिल्ली, (परिवर्तन)। दिल्ली सरकार ने कहा है कि वो दिल्ली की जेलों में कैदियों की संख्या कम करने के लिए कैदियों को विशेष पैरोल और फरलो पर रिहा करने का फैसला किया है। दिल्ली सरकार ने सोमवार को हाईकोर्ट में जस्टिस हीमा कोहली और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच को यह जानकारी दी।

एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से वकील अनुज अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रिजन रुल्स में संशोधन करने जा रही है और इसके लिए एक दिन के अंदर नोटिफिकेशन जारी करेगी। उसके बाद कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि आप आज ही इस मामले में फैसला करें। दिल्ली सरकार के वकील के मुताबिक प्रिजन रुल्स में जो नए संशोधन होंगे उसमें पहला ये होगा कि राष्ट्रीय आपदा या महामारी की स्थिति में एक ही बार 60 दिनों का पैैरोल दिया जा सकता है ताकि जेलों में कैदियों की संख्या को कम की जा सके। 

दूसरा संशोधन ये होगा कि राष्ट्रीय आपदा या महामारी की स्थिति में विशेष फरलो दिया जाए। विशेष फरलो के लिए दिनों को अभी तय किया जाना बाकी है। यह.याचिका वकील शोभा गुप्ता ने दायर की है जिसमें कहा गया था कि दिल्ली की जेलों में कोरोना पहुंच चुका है। 18 मार्च को तिहाड़ जेल प्रशासन ने 18 कैदियों को क्वारेंटाइन किया था। इनमें 8 विदेशी कैदी है। 8 विदेशी कैदियों को आइसोलेशन में रखा गया है। रोहिणी जेल के जेल नंबर 3 में तीन कैदियों और जेल नंबर 10 में एक कैदी को आइसोलेशन में रखा गया है। इसी तरह मंडावली जेल में भी कैदियों को आइसोलेशन में रखने की खबर है। याचिका में कहा गया था कि दिल्ली की जेलों में कैदियों की संख्या ज्यादा है। इसलिए 50 साल से ऊपर के उन कैदियों की जिनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है या छोटे-मोटे अपराधों में जेल में बंद हैं उन्हें रिहा कर दिया जाए। 

याचिका में कहा गया था कि कैदियों को सशर्त रिहा किया जाए। याचिका में कहा गया था कि कैदियों की रिहाई के लिए जेलों में मजिस्ट्रेटों की तैनाती की जा सकती है ताकि कैदियों को कोर्ट जाने की जरुरत नहीं पड़े। याचिका में इस मामल पर सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान लेकर राज्यों को नोटिस देने का भी जिक्र किया गया है।

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