मास्क और सैनिटाइज़र की ब्लैकमार्केटिंग

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बेंगलूरु (परिवर्तन)।

जैसे ही देश भर में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ा, मास्क और सैनिटाइज़र की ब्लैकमार्केटिंग शुरु हो गई। जैसा कि विदेश से आए कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार लोगों से मास्क, ग्लब्स और सैनिटाइजर का प्रयोग करने को कह रही है, लेकिन जिस तरह से मार्केट में इन चीजों की कालाबाजारी बढ़ी है। ये निश्चित रूप से कोरोना से लड़ने की चुनौती को कहीं ना कहीं बढ़ाता नजर आ रहा है।मार्केट में मास्क की कमी हो गई है, जिससे कई शहरों में कोरोना वायरस से ग्रसित मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों के लिए भी मास्क नहीं मिल पा रहा है। यह गंभीर हो सकता है।

कुछ मेडिकल शॉप मालिकों का कहना है कि कोविड -19 के डर के कारण, कुछ लोग दर्जनों मास्क और हैंड सैनिटाइज़र खरीद रहे हैं। नतीजतन, आपूर्तिकर्ताओं को इनमें से अधिक वस्तुओं की खरीद करने के लिए कहा गया है। दूसरी ओर दुकानदारों द्वारा लगाए गए अत्यधिक मूल्य के कारण लोग परेशान से हो रहे हैं। खरीदार तब ठगा महसूस कर रहे हैं, जब 300 रुपये के खुदरा मूल्य वाले मास्क 1200 रुपये में बेचे जा रहे हैं और 40 रुपये के हैंड सैनिटाइज़र 100 रुपये में बेचे जा रहे हैं।

डब्ल्यूएचओ मास्क के अनुसार वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रभावी है। मास्क लगाने से पहले उनके निर्देशों के अनुसार हमें एल्कोहल बेस्ड सैनिटाइज़र अथवा साबुन और पानी से हाथ साफ करना चाहिए। हमें अपने मुंह और नाक को मास्क से ढंकना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे चेहरे और मास्क के बीच कोई गैप न हो। हमें इसका उपयोग करते समय मास्क को छूने से बचना चाहिए, यदि हम ऐसा करते हैं, तो हमें अपने हाथों को अल्कोहल बैस्ड सैनिटाइज़र या साबुन और पानी से साफ करना चाहिए। 

जब मास्क और सैनिटाइज़र अपरिहार्य होते हैं, तो ब्लैकमार्केटिंग और एक आपातकालीन स्थिति पैदा करना दुकानदारों से अवांछनीय होता है। हालांकि सरकार ने इस तरह के अनैतिक व्यापार प्रथाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक मजबूत निर्णय लिया है और बाजार में इन वस्तुओं की उचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 30 जून, 2020 तक आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसीए) के तहत मास्क और हैंड सैनिटाइजर पर एक्ट लगाए गए हैं। सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए कि बाजार में उत्पादों की निरंतर उपलब्धता होनी चाहिए और खुदरा दुकानों और चिकित्सा दुकानों में अचानक निरीक्षण का आदेश दिया जाना चाहिए ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि उत्पादों को सही कीमत पर बेचा जा रहा है या नहीं। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि कई देश अतिरिक्त संक्रमित क्षेत्रों में मुफ्त में मास्क की आपूर्ति कर रहे हैं, भारत सरकार को मास्क की सब्सिडी देनी चाहिए और उन्हें हर सरकारी अस्पताल में उपलब्ध कराना चाहिए। हम एक कठिन परिस्थिति से गुजर रहे हैं और इसकी बेहतरी के लिए हर छोटी भागीदारी की जोरदार सराहना की जाएगी। इसलिए हम सभी दुकानदारों से अनुरोध करते हैं कि वे इस संकट की घड़ी में देश के साथ खड़े रहें और आवश्यक वस्तुओं को सही दरों पर बेचें।

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