चुनाव आयोग के नोटिस पर कपिल मिश्रा ने कहा- मैंने जो कहा सच कहा

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नई दिल्ली, (परिवर्तन)। दिल्ली की मॉडल टाउन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार कपिल मिश्रा ने अपने विवादित ट्वीट पर चुनाव आयोग का नोटिस मिलने के बाद शुक्रवार को जवाब दाखिल कर दिया।

मिश्रा ने जवाब में कहा, "मैंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ शाहीन बाग में जारी प्रदर्शन को लेकर मामले में अपनी आम राय दी है। मैंने किसी चुनावी रैली या भाषण में ऐसा कुछ नहीं कहा है। इसलिए मैंने किसी भी तरह से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है।" चार पन्नों के जवाब में मिश्रा ने अधिकतर अपने पुराने बयानों को ही दोहराया है और उस पर ही अड़े रहे हैं। मिश्रा ने कहा कि उन्होंने जो कहा सच कहा और वह उस पर ही टिके हैं। मुझे नहीं लगता कि मैंने कुछ गलत बोला है। सच बोलना इस देश में कोई जुर्म नहीं है। मैंने सच बोला है। भाजपा उम्मीदवार मिश्रा ने एक ट्वीट में दिल्ली चुनाव की तुलना भारत बनाम पाकिस्तान के मैच से की थी। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में शाहीन बाग को मिनी पाकिस्तान बताया था। मिश्रा ने लिखा था कि आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस ने शाहीन बाग जैसे मिनी पाकिस्तान खड़े किए हैं, जवाब में आठ फरवरी को हिंदुस्तान खड़ा होगा। जब-जब देशद्रोही भारत में पाकिस्तान खड़ा करेंगे, तब-तब देशभक्तों का हिंदुस्तान खड़ा होगा। इस पर विपक्षी पार्टियों ने आपत्ति जताई और चुनाव आयोग में शिकायत की थी। इसके बाद आयोग ने मिश्रा को ट्वीट हटाने का नोटिस थमाया था। चुनाव आयोग का नोटिस मिलने के बाद मिश्रा ने कहा कि उन्होंने जो कहा सच कहा और वह उस पर ही टिके हैं। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि मैंने कुछ गलत बोला है। सच बोलना इस देश में कोई जुर्म नहीं है। मैंने सच बोला। उन्होंने कहा कि उनके ट्वीट को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने किसी की धर्म, जाति या विशेष समुदाय को निशाने पर नहीं लिया था। मेरा ट्वीट दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के उस बयान का जवाब था जो उन्होंने शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के पक्ष में दिया था। उल्लेखनीय है कि मिश्रा साल 2015 में पहली बार करावलनगर सीट से विधायक चुने गए। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनको जल संसाधन मंत्री बनाया था। उनको केजरीवाल का करीबी माना जाता था। मिश्रा को केजरीवाल और सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद मंत्री पद से हटा दिया गया। मिश्रा ने एसीबी से दोनों नेताओं के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन इसे साबित नहीं कर सके थे। आम आदमी पार्टी का सदस्य होने के बाद भी उन्होंने कई मंचों पर खुलकर भाजपा का समर्थन किया था। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने आदमी पार्टी के खिलाफ प्रचार किया। पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते केजरीवाल ने उनको पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए।

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