हनीट्रैप की मुख्य आरोपित श्वेता पर आयकर विभाग का शिकंजा

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भोपाल, (परिवर्तन)। मध्यप्रदेश के हाईप्रोफाइल हनीट्रैप मामले में गिरफ्तार आरोपित महिलाओं पर आयकर विभाग ने शिकंजा कस लिया है।

इंदौर में जेल की हवा खा रही मुख्य आरोपित श्वेता विजय जैन को आयकर विभाग की टीम सोमवार को पुलिस कस्टडी में भोपाल लेकर आई है और यहां आयकर विभाग के दफ्तर में उससे पूछताछ की जा रही है। इससे उन नेताओं-अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जो हनीट्रैप मामले के शिकार हुए हैं। हनीट्रैप मामले में शामिल महिलाओं ने प्रदेश के बड़े अधिकारियों और नेताओं को ब्लैकमेल किया है। ये अफसरों और नेताओं के पास या तो खुद जाती थीं या फिर गिरोह में शामिल दूसरी लड़कियों को उनके पास भेजती थीं और फिर उनसे ब्लैकमेल कर करोड़ों रुपये की वसूली की जाती थी। उन पैसों से ये लोग लग्जरी लाइफ जीती थीं। छापेमारी के दौरान इसके घर से लाखों रुपये नकद मिले थे। यहीं नहीं बैंक लॉकर से भी लाखों मिले थे। आयकर विभाग इस मामले की जांच कर रही है, आखिर लग्जरी लाइफ जीने वाली इन महिलाओं के आय के क्या स्रोत हैं।  हनीट्रैप मामले में गिरफ्तार पांच आरोपित महिलाएं इंदौर की जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। इनके खिलाफ विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा भोपाल की अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अभी मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अब इन महिला आरोपितों पर आयकर विभाग ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आयकर विभाग की टीम मुख्य आरोपित श्वेता विजय जैन को इंदौर जेल से सोमवार को सुबह नौ पुलिस कस्टडी में भोपाल लेकर रवाना हुई थी और दोपहर दो बजे उसे भोपाल स्थित आयकर विभाग के मुख्यालय लाया गया। यहां आयकर अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं। जानकारी मिली है कि यह पूछताछ लम्बी चलेगी। उससे आय के स्रोतों के साथ ही उन अधिकारियों के बारे में भी जानकारी इकट्ठी की जा रही है, जो इनकी ब्लैकमेलिंग के शिकार हुए थे। पूछताछ के दौरान श्वेता विजय जैन उन अधिकारियों का नाम ले लेती है, तो उनकी भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि श्वेता विजय जैन के बाद दूसरी आरोपित महिलाओं से भी  इस मामले में आयकर विभाग जल्द ही पूछताछ कर सकता है। पुलिस ने हनीट्रैप मामले में भोपाल की अदालत में जो चार्जशीट दाखिल की है, उसके मुताबिक वीडियो के बदले एक आईएएस अधिकारी ने इन्हें एक करोड़ रुपये दिए थे, जिसका बंटवारा श्वेता विजय जैन, आरती दयाल और एक पत्रकार के बीच हुआ था। साथ ही एक और आईएएस ने इन्हें बीस लाख रुपये दिए थे। साथ ही कई बिजनेसमैन से भी वसूली की बात चार्जशीट में लिखी गई है। उधर, अपने अखबार के माध्यम से हनीट्रैप मामले में नित नए खुलासे करने वाले कारोबारी जीतू सोनी का अब तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका है। राज्य सरकार ने फरार चल रहे जीतू सोनी की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। पुलिस उसकी भी सरगर्मी से तलाश कर रही है।

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