बगदादी के मौत का सच

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वाशिंगटन, (परिवर्तन)। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया सरगना अबु बकर अल-बगदादी सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उस तक पहुंचने का रास्ता खोजने के लिए अमेरिका समेत दुनिया भर की एजेंसियों ने दिन रात एक कर दिया था।

दुनिया के इस मोस्ट वॉन्टेड अपराधी को मारना इतना आसान नहीं था। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आखिरकार बगदादी के ही एक साथी ने अमेरिका को उस तक पहुंचाया। जानिए कैसे फरवरी 2018 से बगदादी के मारे जाने की उलटी गिनती शुरू हो गई थी। फरवरी 2018 में तुर्की सेना इस्लामिक स्टेट के एक प्रमुख ओहदेदार इस्माइल अल-एथावी को गिरफ्तार करने में सफल हुए। उन्होंने इसे इराकियों के हवाले कर दिया। इराकी अधिकारियों ने रॉयटर्स को जो बताया उसके मुताबिक इस शख्स से बगदादी को ट्रैक करने में मदद मिली। खास कर बगदादी कहां जाता है, किनसे मिलता है, कैसे जाता है, कब-कब आता-जाता है। इस तरह की छोटी से छोटी जानकारी बगदादी को मार गिराने में बेहद अहम रहीं।

कौन था अल-एथावी

एथावी ने सीरिया में ऐसे पांच लोगों के बारे में इराकियों को बताया, जिनसे बगदादी अक्सर मिलता। हालांकि मुलाकात की जगह हर बार बदलती रहती थी। एथावी जैसे आतंकियों का सुरक्षा एजेंट्स के हाथ चढ़ना एक बड़ी सफलता थी। इराकी इंटेलिजेन्स अधिकारियों के मुताबिक एथावी इस्लामिक स्टेट की टॉप पांच ऑपरेटिव्स में से था। इस्लामिक साइंसेस में डॉक्टरेट एथावी ने 2006 में अल-कायदा से जुड़ा। अमेरिका ने उसे 2008 में गिरफ्तार किया, जिसके बाद एथावी को चार साल की सजा भी हुई। इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के बाद बगदादी ने उसे धार्मिक प्रवचन देने और इस्लामिक स्टेट के लिए कमांडर चुनने की जिम्मेदारी सौंपी। 2017 में आईएस की धराशायी होने के बाद एथावी अपनी सीरियाई पत्नी के साथ इराक से सीरिया भाग गया।

इस साल की शुरुआत में अमेरिका, तुर्की और इराक के एक जॉइण्ट ऑपरेशन के दौरान इस्लामिक स्टेट के पांच और टॉप आतंकियों को पकड़ने में सफलता मिली। इनमें से एक सीरियाई जबकि बाकि चार इराकी मूल के थे। पकड़े गए आतंकियों ने बगदादी के साथ अपनी मुलाकात की जगह और समय के बारे में इराकी एजेंसिंयों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। इसके बाद अमेरिकी खूफिया एजेंसी सीआईए ने इदलिब में अपना नेटवर्क और मजबूत किया। यही वो जगह थी जहां बगदादी अपने परिवार और तीन साथियों के साथ एक गांव से दूसरे गांव मूव कर रहा था।

सीरिया के इस शहर में जासूसों को इदलिब में सर पर चौकड़ी साफा पहने हुए एक शख्स दिखाई दिया। फोटो के आधार पर जब इसकी पहचान हुई तो यह बगदादी का खास एथावी निकला। पीछा करने पर जासूसों को बगदादी के ठिकाने का पता चल गया। बस यहीं से बगदादी को घेरने की कारवाई शुरू कर दी गई। सीआईए ने ड्रोन और सैटेलाइट की मदद से बगदादी के ठिकाने पर नजर रखनी शुरू कर दी। यह सिलसिला पिछले पांच महीने से चल रहा था। मारे जाने से दो दिन पहले बगदादी अपने परिवार के साथ एक मिनी बस में सवार होकर नजदीकी गांव तक गया था। यह उसकी जिन्दा रहते अंतिम यात्रा थी। इस यात्रा में बगदादी के होने की पुष्टि हो गई थी।

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