भ्रष्टाचार का गठजोड़

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हरियाणा चुनाव के परिणाम चौंकाने वाले रहे। भारतीय जनता पार्टी की सरकार को जनता ने स्पष्ट जनादेश नहीं दिया। इस जनादेश से कहीं न कहीं भाजपा की छवि धुमिल होती नजर आ रही है। बहुमत न मिलता देख भाजपा ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक चाल चली।

और सत्ता पर टिके रहने के लिए भाजपा ने जेजेपी (जननायक जनता पार्टी) के साथ गठजोड़ कर लिया है, और अब जेजेपी के न्यूनतम साझा कार्यक्रम को स्वीकारते हुए भाजपा एक बार फिर हरियाणा में सरकार बनाने की तैयारियों में जुट गई है। याद करें चुनाव से पहले बीते पांच सालों में भाजपा सरकार ने हरियाणा में केवल एक ही बात पर राजनीति की है कि चौटाला परिवार और जेजेपी पार्टी अपराधियों की पार्टी है। भाजपा और जेजेपी दोनों ने विधानसभा चुनावों के दौरान एक दूसरे के खिलाफ प्रचार अभियाने भी की और इस बीच एक दूसरे पर खूब कीचड़ भी उछाला। लेकिन वो कहते है न राजनीति में कुछ भी ‘परमानेंट’ नहीं होता। स्पष्ट जनादेश न मिलता देख भाजपा ने अपनी चुनावी चाल को एक झटके में बदल दिया और जेजेपी पार्टी व चौटाला परिवार के सामने सरकार बनाने का प्रस्ताव पेश कर दिया। डॉ अजय कुमार चौटाला के बेटे दुष्यंत चौटाला ने भी मौके पर चौका लगाते हुए तुरंत अपना राजनीतिक सुर बदल दिया और हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। 
अब बात ये निकली कि यूं तो भाजपा के दिग्गज नेता हर रैली और हर प्रचार अभियान में देश को भ्रष्टाचारियों एवं अपराधियों से मुक्त करने के नारे लगाते हैं, लेकिन फिर जब सत्ता की कुर्सी पर विराजने की बारी आती तो इन्हीं भ्रष्टाचारी, अपराधी और बलात्कारी नेताओं की टोली को शामिल कर लेते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि बीजेपी की कथनी और करनी में कितना अंतर है, जिसे अब जनता खुले आंखों से देख भी रही है और इस पर अपना फैसला भी सुना रही है। देश के कई राज्यों में कई दबंग नेताओं को भाजपा ने अपराध मुक्त किया है और ये सिलसिला अब भी जारी है। चौटाला परिवार पर कई संगीन आरोप है और डॉ अजय चौटाला तिहाड़ जेल में अपनी सजा काट रहे है, पर उनकी पार्टी द्वारा बीजेपी के गठजोड़ के बाद फिलहाल वे पेरोल पर बाहर हैं। वहीं उनके बेटे दुष्यंत चौटाला ने भाजपा के प्रस्ताव के सामने एक शर्त रखी है कि उन्हें सरकार में उपमुख्यमंत्री का स्थान दिया जाए। 
भले ही सत्ता के लालच में भाजपा ने उनके इस शर्त को मान लिया हो लेकिन जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के अध्यक्ष और हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। वकील जगमोहन सिंह भट्टी ने जनहित याचिका दायर कर दुष्यंत चौटाला को उपमुख्यमंत्री बनाने को लेकर चुनौती दी है। याचिका में कहा कि दुष्यंत को उपमुख्यमंत्री का दर्जा देना राज्य के खजाने पर वित्तीय बोझ बढ़ाना है। ये नियमों के खिलाफ है. संविधान में कहीं भी डिप्टी सीएम की व्याख्या नहीं है। अब देखना ये है कि आने वाले समय में भाजपा किस प्रकार देश के भ्रष्टाचारी, अपराधी और बलात्कारी नेताओं के दामन में लगे दाग को मिटा कर उन्हें जनता पर शासन करने का मौका देती है और इस पर जनता का प्रतिक्रिया क्या होगी।

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