नये ट्रैफिक नियम से इंश्योरेंस कंपनियों की बल्ले-बल्ले, करीब 40 फीसद तक बढ़ोत्तरी

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ऋषिकेश, (परिवर्तन)। केंद्र सरकार के नए ट्रैफिक नियम के लागू करने के बाद से इंश्योरेंस कंपनियों की बल्‍ले-बल्‍ले हो गई है है। जुर्माने के डर से निजी वाहन मालिक गाड़ियों के इंश्‍योरेंस कराने के लिए पहुंच रहे हैं। नए ट्रैफिक नियम लागू होने के बाद इंश्योरेंस कराने वालों की भीड़ बढ़ गई है।

खासकर निजी वाहन मालिक इंश्योरेंस एजेंट को ढूंढ रहे हैं। कुछ लोग तो वेबसाइट पर ऑनलाइन इंश्योरेंस कर रहे हैं। पिछले छह दिनों में इसमें 30 से 40 फीसद तक की उछाल देखने को मिली है। यह सब नए ट्रैफिक नियम लागू होने के बाद की स्थिति है। निजी कंपनी के मैनेजर अशोक ने सोमवार को बताया कि इंश्योरेंस लेने वालों की तादाद अब 30 से 40 फीसद बढ़ गई है। भले ही लोग जुर्माने के डर से इसे करा रहे हैं लेकिन यह उनकी बेहतरी के लिए ही है। अगर किसी तरह का हादसा होता है तो उनको ही फायदा होगा। निजी कंपनियों की ज्यादा बिक रही पॉलिसी वाहनों के इंश्योरेंस क्षेत्र में नेशनल इंश्योरेंस, ओरिएंटल, न्यू इंडिया, यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी है। इनके अलावा करीब दर्जन भर से अधिक निजी कंपनियां इस बाजार में हैं। सभी तरह के इंश्योरेंस एजेंट के जरिए ही होते हैं। सरकारी कंपनियां एजेंटों को 2.5 फीसद कमीशन देती हैं तो निजी कंपनियां दस फीसद या इससे अधिक तक कमीशन देती हैं। अब बाजार में डिमांड बढ़ गयी है तो एजेंट अधिकतर निजी कंपनियों का बीमा बेंच रहे हैं। वैसे पॉलिसी का रेट सभी में लगभग बराबर है। उल्लेखनीय है कि ट्रैफिक नियम तोड़ने पर जुर्माने की राशि कई गुना बढ़ाई गई है। पहली सितंबर से केंद्र सरकार ने नए ट्रैफिक नियम तोड़ने पर जुर्माने की राशि कई गुना बढ़ा दी है। पहले गाड़ी का इंश्योरेंस न होने पर एक हजार जुर्माना लगता था। अब उसे बढ़ाकर दो हजार कर दिया गया है। इस नियम के आधार पर शहर में भले ही अभी चालान नहीं शुरू हुआ, लेकिन लोग इंश्योरेंस कराने लगे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि दो हजार रुपये जुर्माना देने से बेहतर है कि एक हजार रुपये का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस ही करा लें, पता नहीं कब यह अपने ही काम आ जाए। इंश्योरेंस एजेंट राकेश शर्मा ने बताया कि पिछले आठ दिनों से दिन भर इंश्योरेंस कराने वालों की भीड़ लगी रहती है। पहले तो कामर्शियल वाहन वाले या जिनको गाड़ी ट्रांसफर कराना होता था, वहीं इंश्योरेंस कराते थे। अब हर कोई इंश्योरेंस का रेट पूछने आ रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी

ऋषिकेश एआरटीओ डा.अनीता चमोला का कहना है कि नए कानून बनने के बाद यह बात सही है कि उनके विभाग में वाहन संबंधी पत्रावली को सही कराने के लिए उनके विभाग में भी लोगों की तादाद बढ़ी है जिसे देखते हुए उनके लिये अलग से काउंटर खोले जाने की व्यवस्था की गई है। लोग दलालों के चंगुल में न फंसे इस पर निगरानी किए जाने के लिए विभाग में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं जिसके कारण दलालों में भी भय व्याप्त है।

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