स्व. रामनाथ गोयनका का पारिवारिक विवाद फिर से शुरू

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बेंगलूरु, (परिवर्तन)। एक विकट स्थिति में, स्वर्गीय रामनाथ गोयनका के दत्तक पुत्र और द इंडियन एक्सप्रेस के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक, विवेक गोयनका ने प्रतिष्ठित पत्रकार, साप्ताहिक अखबार समाचार परिवर्तन के संपादक और चेयरमैन व प्रबंध निदेशक प्रशांत गोयनका (स्वर्गीय श्री रामनाथ गोयनका के पारिवारिक पौत्र) को एक गलत कानूनी नोटिस भेजा हैं।

इस नोटिस में अन्य परिवार के सदस्यों को भी नामित किया गया है और हजारों करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की। दरअसल, अपने नोटिस में विवेक गोयनका ने कहा है कि प्रशांत गोयनका ने स्वर्गीय रामनाथ गोयनका के नाम का इस्तेमाल कई विभिन्न स्वरूपों अवैध रूप से किया है। रामनाथ जी के नाम के अवैध इस्तेमाल की वजह से विवेक गोयनका ने प्रशांत गोयनका से हजारों करोड़ रूपए की मांग की है। इस घटना के साथ ही स्वर्गीय रामनाथ गोयनका का पारिवारिक विवाद एक बार फिर से उभर कर सामने आया। इसके बाद, प्रशांत गोयनका और उनके परिवार ने कानूनी सुरक्षा लेने के लिए मजबूर है। बीते मंगलवाल को प्राप्त एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उक्त जानकारी दी गई। यह विज्ञप्ति रामनाथ गोयनका चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से जारी किया गया। 

यह ज्ञात हो कि, स्वर्गीय रामनाथ गोयनका के पारिवारिक पोते, प्रशांत गोयनका ने रामनाथ गोयनका के लिए भारत के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार "भारत रत्न" की मांग की। इसके लिए उन्होंने नई दिल्ली और बैंगलोर सहित पूरे देश में जगह - जगह प्रेस कॉन्फ्रेंस और बैठकें आयोजित की थीं। उनका मानना है कि रामनाथ गोयनका एक सच्चे स्वतंत्रता सेनानी थे और उन्होंने समाज के लिए अपना बहुमुल्य योगदान दिया है इसीलिए यह सम्मान उन्हें अवश्य मिलना चाहिए। प्रशांत गोयनका ने कहा, याद करें कि सन 1975 में आपातकाल के दौरान प्रेस की आजादी की दिशा में रामनाथ गोयनका की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण थी। प्रशांत गोयनका ने यह भी कहा कि स्वर्गीय रामनाथ गोयनका ने ताउम्र मीडिया और भारतीय समाज के लोगों के लिए संघर्ष किया गया है।

प्रशांत गोयनका कहते हैं कि रामनाथ गोयनका के लिए ‘भारत रत्न’ की मांग करने और समाज में उनके काम को जन जन तक पहुंचाने के लिए, विवेक गोयनका ने मुझे एक गलत कानूनी नोटिस भेजा है। वे कहते हैं कि, यह सब एक प्रचार के तहत की गई सोची समझी साज़िश है, ताकि विवेक गोयनका मीडिया में सुर्खियों में बने रह सकें। प्रशांत गोयनका ने कहा, "मैं यह भी मानता हूं कि विवेक गोयनका अपनी पहचान खो रहे हैं क्योंकि वह स्वर्गीय रामनाथ गोयनका के दत्तक पुत्र हैं।" रामनाथ गोयनका के समाज और भारतीय मीडिया के योगदान को याद करने के लिए, पारिवारिक पोते प्रशांत गोयनका यह भी मांग कर रहे हैं कि पत्रकारिता की पुस्तकों में रामनाथ गोयनका के जीवनी के अध्याय को जोड़ा जाना चाहिए। प्रशांत गोयनका का यह भी कहना है कि यूं तो स्वर्गीय रामनाथ गोयनका के लिए उपर्युक्त माँगें उनके दत्तक पुत्र विवेक गोयनका को करनी चाहिए, लेकिन वे रामनाथ जी के योगदानो को स्मरण रखने में असफल रहे हैं।

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