कैफे कॉफी-डे के संस्थापक सिद्धार्थ लापता, अंतिम पत्र हुआ वायरल

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- नेत्रावती नदी में कूदने की आशंका के चलते सर्च अभियान चलाया गया - भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर, गश्त करने वाली नौकाओं को मंगाया गया मेंगलुरु, (परिवर्तन)। कैफे कॉफी-डे के संस्थापक और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद सिद्धार्थ हेगड़े सोमवार की शाम से लापता हैं। उनका एक पत्र वायरल हुआ है, जो उन्होंने तीन दिन पहले लिखा था। इस खत में सिद्धार्थ ने कंपनी को नुकसान और कर्ज की बात कही है और हर गलती के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है।

सिद्धार्थ हेगड़े ने निदेशक मंडल और कैफे कॉफी-डे परिवार को संबोधित आखिरी पत्र में व्यापार से संबंधित मामलों में लाचारी व्यक्त की है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि 37 वर्षों की कड़ी मेहनत और मजबूत प्रतिबद्धता के साथ हमारी कंपनियों और उनकी सहायक कंपनियों में 30,000 नौकरियों का सृजन किया गया और कंपनी में स्थापना के बाद से वह बड़े शेयरधारक रहे हैं। मैं अपने कड़े प्रयासों के बावजूद इसको लाभदायक व्यवसाय मॉडल बनाने में विफल रहा। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, 'मुझे उन सभी लोगों को निराश करने का बहुत अफसोस है, जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया। मैंने लंबे समय तक लड़ाई लड़ी लेकिन आज मैंने हार मान ली क्योंकि मैं एक से अधिक दबाव नहीं ले सकता था। निजी इक्विटी पार्टनर मुझे शेयर खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। कंपनी के एक लेन-देन को मैंने छह महीने पहले एक दोस्त से बड़ी राशि उधार लेकर पूरा किया था।हमारे माइंडट्री सौदे को अवरुद्ध करने और फिर पिछले डीजी (आयकर) ने बहुत परेशान किया, हालांकि हमने संशोधित रिटर्न दायर किए गए हैं। मैं ईमानदारी से आप सबसे अनुरोध करता हूं कि आप मजबूत हों और इन व्यवसायों को एक नए प्रबंधन के साथ चलाना जारी रखें। मैं अपनी सभी गलतियों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हूं। प्रत्येक वित्तीय लेन-देन मेरी जिम्मेदारी है। मेरी टीम, लेखा परीक्षक और वरिष्ठ प्रबंधन मेरे लेन-देन से पूरी तरह से अनजान हैं। मेरा इरादा कभी भी किसी को धोखा देने या गुमराह करने का नहीं था। मैं एक उद्यमी के रूप में विफल रहा हूं। मुझे आशा है कि किसी दिन आप मुझे समझेंगे और क्षमा करेंगे।'  उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थ हेगड़े सोमवार को अपनी कार को शहर के पास स्थित नेत्रावती ब्रिज के पास खड़ी कर रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। सिद्धार्थ इनोवा कार में दो अन्य लोगों के साथ सफर पर थे। उन्होंने अपने करीबियों से कहा था कि वह सकलेशपुर जाएंगे। रास्ते में उन्होंने ड्राइवर को मेंगलुरु चलने के लिए कहा। जब कार पंपवेल के पास पहुंची तो सिद्धार्थ के साथ आए दो लोग वाहन से उतर गए और चले गए। सिद्धार्थ के आदेश पर चालक ने कार को उल्लाल की ओर मोड़ दिया था। ड्राइवर ने बताया कि सिद्धार्थ उलाल शहर में स्थित नेत्रवती नदी के पुल तक घूमने के लिए आए थे। वहां उन्होंने कार रुकवाई और पैदल ही निकल गए। मैं उनका इंतजार कर रहा था। 90 मिनट तक वापस नहीं आए तो पुलिस को सूचना दी। ड्राइवर के बयान से पुलिस को अंदेशा है कि सिद्धार्थ नेत्रावती नदी में कूद गए होंगे। इस आधार पर पुलिस सर्च ऑपरेशन में जुटी है। पूर्व जिला प्रभारी मंत्री यूटी खादर मौके पर पहुंचे और तलाशी अभियान का जायजा लिया। शहर पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं। डीसीपी (कानून और व्यवस्था) हनुमंतराय के मुताबिक, तलाशी अभियान चलाने के लिए भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टर, गश्त करने वाली नौकाएं मौके पर पहुंचेंगी। स्थानीय पुलिस, तटीय सुरक्षा पुलिस, एनडीआरएफ, होमगार्ड और अग्निशमन सेवा के कर्मी इसमें शामिल हैं।

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