सशक्त पौधा बना प्रेरणा मंच

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बेंगलूरु (परिवर्तन)। प्रेरणा महिला साहित्यिक मंच का चतुर्थ वार्षिकोत्सव गत रविवार थनिसंद्रा स्थित शोभा क्रिसैंथेमम अपार्टमेंट के सभागार में संपन्न हुआ। दीप प्रज्वलन के बाद बर्नाली बैनर्जी के सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

डॉ वीणा मेदनी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि हमें महिलाओं को सामने लाना चाहिए क्योंकि देश की करीबन आधी आबादी महिलाएँ है। महिलाएँ घर के साथ साथ समाज को भी रोशन कर सकती है, क्योंकि महिलाएँ घर की धूरी होती है। महिलाओं के अंदर की छिपी प्रतिभा को उजागर करना प्रेरणा मंच का उद्देश्य के साथ ही हिंदी का प्रचार एवं प्रसार करना।
अतिथियों के स्वागत के बाद समाचार परिवर्तन से सम्पादक प्रशांत गोयनका का स्वागत वीणा मेदनी द्वारा किया गया। समारोह की अध्यक्षा डॉ. जी. एस. सरोजा थी एवं मुख्य अतिथि डॉ. संध्या जावली, विशिष्ठ अतिथि डॉ. सुचित्रा कॉल मिश्रा थी। डॉ. वीणा मेदनी की बारहवीं पुस्तक का लोकार्पण मंचासीन अतिथियों के साथ साथ प्रशांत गोयनका के हाथों से हुआ।
समीक्षा डॉ. शशि मंगल ने किया। पुस्तक विमोचन के बाद सम्मान समारोह का कार्यक्रम चला। मंच के साथ-साथ प्रशांत गोयनका के हाथों सम्मान लेकर रचनाकार गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। प्रेरणा साहित्य शिरोमणि सम्मान 2019 लखनऊ निवासी वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. त्रिवेणी प्रसाद दूबे मनीष को प्रदान किया गया। प्रेरणा साहित्य रत्न सम्मान 2019 डॉ. शशि मंगल, श्रीमती उर्मिला श्रीवास्तव उर्मि, डॉ. उर्मिला पोरवाल, प्रतिक भारत पलोड (दर्पण), नन्द सारस्वत नन्द, सुधा दीक्षित, इंदु झुनझुनवाला, को प्रदान किया गया। प्रेरणा साहित्य प्रहरी सम्मान 2019 रचना उनियाल, ममता शर्मा, गरिमा सक्सेना, स्वर्ण ज्योति, डॉ. मंजु गुप्ता, ईश्वर वर्मा, डॉ. कविता पानिया को प्रदान किया गया। प्रेरणा काव्य प्रतिभा सम्मान 2019 निमिषा लढ्ढा, कमल अरोरा, शालिनी श्रीवास्तव, राजेंद्र राही एवं डॉ. गायत्री चिल्चोल्कर को दिया गया। सम्मान समारोह संपन्न होने के बाद एक विशिष्ठ सम्मान डॉ. ज्ञानचंद मर्मज्ञ को दिया गया।
अतिथियों के उद्बोधन के बाद समाचार परिवर्तन के सम्पादक प्रशांत गोयनका ने सभा को सम्बोधित कर महिला रचनाकारों के मनोबल को बढ़ाया। सबको धन्यवाद देते हुए डॉ वीणा मेदनी ने बताया कि प्रेरणा मंच से प्रेरित होकर कइयों ने कलम उठा ली है तो कइयों ने कलम आगे चलाई है, यह हर्ष की बात है, गर्व की बात है। इसके बाद कविता पाठ शुरू हुई। काव्य पाठ में रचना उनियाल, सुधा दीक्षित, डॉ. शशि मंगल, राही राज, ईश्वर वर्मा, स्वर्ण ज्योति, राश दादा, डॉ. कविता पानिया, कमल अरोरा, डॉ. रंजना शर्मा, ममता शर्मा, डॉ. प्रेम तन्मय, मन मोहन मधुकर, बरनाली बैनर्जी, टी. के. वी  भारती, डॉ. इंदु झुनझुनवाला, अंजना चांडक, विद्या कृष्णा, संध्या जवाली, उर्मिला श्रीवास्तव, पालन झा, प्रीतम झा, सुनीता सैनी, विजेंद्र सैनी, सुचित्रा कॉल मिश्रा, डॉ. जी. एस सरोजा, दर्शन बेजार, सुशील कुमार, सौरव सैनी, डॉ. ज्ञानचंद मर्मज्ञ, अर्जुन सिंह, सुरेंद्र मिश्रा, कमल राजपुत, गरिमा सक्सेना, राजेश जिंदल, डॉ लता चौहान, ममता मिश्रा, वीणा मेदनी, रतिंदर कौर ने भाग लिया। साथ ही अनेक श्रोतागण उपस्थ्ति थे। संचालन रतिंदर कौर ने किया।

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