समाज सेवा से पहले खुद को सक्षम बनाएं: डॉ. संजय जालान

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बेंगलूरु, (परिवर्तन)। हम आए दिन पेपर, मैगजीन या किसी अन्य माध्यम से लोगों की सफलता की कहानियां सुनते हैं और उनकी कहानियों से प्रेरणा लेते हैं। क्या हमने कभी यह सोचने की कोशिश की है कि लोग सफल कैसे और किन परिस्थितियों में बनते हैं। मैं मानता हूं कि लोग सफल बनते हैं, आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत, दृढ़ इच्छाशक्ति और ईमानदारी से। यह कहना है बेंगलूरु के प्रसिद्ध व्यवसायी एवं समाजसेवी संजय कुमार जालान का।

संजय कुमार जालान कहते हैं कि गीता में भी लिखा है कर्म कर फल की चिंता मत कर, हमें इस कथन को अपने वचन और कर्मों में लाना चाहिए। वे कहते हैं कि सफल बनने के लिए जीवन में लक्ष्य का निर्धारण करना बहुत जरूरी है। लक्ष्य स्पष्ट होगा तो अपने कार्यों को गति दिलाने में आप खुद की मदद कर सकेंगे। संजय जी बताते हैं कि हर किसी इंसान की सफलता की कहानी हमें कुछ मूलमंत्र सीखाती है, जिसे हमें उन्हें समझने की जरूरत होती है। क्योंकि जीवन में इज्जत और सफलता मांगने और ख्वाब देखने से नहीं मिलता हमें वो कमानी पड़ती है। अपने मेहनत और दूरदर्शिता से। आज समाज में अपनी खास छवि बनाने और सामाजिक कार्यों में अपने दायित्व को बखूबी निभाने वाले लोगों में संजय कुमार जालान का नाम शीर्ष पर है। वे कहते हैं कि दुनिया के हर समाज में लोगों को एक दूसरे की जरूरत होती है। किसी को आर्थिक रूप से तो किसी को सामाजिक रूप से। इसीलिए मैं मानता हूं कि समाज सेवा में अपना योगदान देने से पहले खुद को समाज सेवा के लिए सक्षम बनाना बहुत जरूरी है। क्योंकि जब तक आप खुद सक्षम नहीं होंगे तब तक आप किसी और की मदद कैसे करेंगे। वे कहते हैं कि इसे एक छोटे से उदाहरण से समझाता हूं, मान लीजिए 2500 लोगों की आबादी वाले एक गांव में केवल एक ही आदमी शिक्षित है, और वो अपने गांव की उन्नति चाहता है, लेकिन यह उस अकेले व्यक्ति के लिए तो संभव नहीं है। इसीलिए अगर वह व्यक्ति अपने साथ साथ गांव के अन्य लोगों को शिक्षित कर सका तो गांव के ज्यादा से ज्यादा लोग उसकी बातों और उसके विकास कार्यों को समझ सकेंगे।  अपने सामाजिक दायित्वों को समझने और समाज के विभिन्न कार्यों में रूचि रखने वाले संजय जालान कहते हैं कि समाज को इक_े एक सूत्र में बांधे रखने के लिए समय समय पर सामाजिक गतिविधियों का आयोजन बेहद जरूरी है। इन गतिविधियों से जरूरतमंद लोगों की मदद हो जाती है।
संजय जी के छोटे से परिवार में उनके अलावा उनकी पत्नी पूजा जालान और दो पुत्र अभिषेक जालान एवं धु्रव जालान है। संजय कुमार जालान से पूजा जालान का विवाह वर्ष 1992 में हुआ था। वे बताते हैं कि उनके बड़े बेटे अभिषेक ने अपनी स्कूली शिक्षा जेआईआरएस कनकपुरा रोड, बेंगलूरु से एवं एसपी जैन कॉलेज मुंबई से एमबीए की डिग्री प्राप्त की है। वहीं उनका छोटा बेटा ध्रूव जालान डीपीएस से अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त कर रहा है।
मूल रूप से हरियाणा के ऐलनाबाद के निवासी संजय कुमार जालान का जन्म अप्रैल 1970 में हुआ। उन्होंने अपनी मूल शिक्षा ऐलनाबाद से और अपने बी.कॉम, की डिग्री डी.एन. कॉलेज हिसार से प्राप्त की। 1992 में रूई कारखाना अपने बड़े भाई राजकुमार जालान के साथ ऐलानाबाद में लगाया। वर्ष 2004 में संजय जालान ने दक्षिणी राज्यों में व्यवसाय के विस्तार के बारे में सोचा और बेंगलूरु चले आए। यहां उन्होंने 2004 में अपने भतीजे जुलियन जालान के साथ ग्रेनाइट का व्यापार शुरू करने का निर्णय लिया और ए - वन ग्रेनाइट का कार्य शुरू किया जो अभी आसमान को छू रहा है। इन्होंने वर्ष 2011 मैन्यूफेक्चरिंग के क्षेत्र में टीएमटी इंडिया गोल्ड के नाम से लोहे की रॉड बनाने का कार्य शुरू किया जो पूरे दक्षिण भारत की पहली स्वचलित मशीन के रूप में कार्य कर रही है। संजय जालान के पिताजी रामेश्वरदास जी जालान ने अपने जीवन में सामाजिक कार्य को महत्व दिया हैं। उन्होंने ऐलनाबाद में जनता वेलफेयर ट्रस्ट एवं रामलीला कमेटी की स्थापना की। जनता वेलफेयर के तहत लड़कियों का कॉलेज, स्कूल तथा अस्पताल चलाए जा रहे हैं। संजय जी बताते हैं कि मैं अपने पिताजी के जीवन से काफी प्रभावित हूं, और उनके बताए आदर्शों को फोलो करने की कोशिश करता हूं। वे बताते हैं कि व्यापार में आगे बढऩे के लिए गुड मैनेजमेंट की आवश्यकताएं होती है। संजय जालान को जो लोग करीब से जानते हैं वे बताते हैं कि संजय जी विल पॉवर से काम करते हैं और भविष्य की योजनाएं (फ्यूचर प्लानिंग) तथा आदमी की स्किल को पहचाने की क्षमता रखते हैं। वे कहते हैं कि संजय जी को दूरदर्शिता, कर्मठता तथा लोगों को साथ लेकर चलने की आदत है। अपने जीवनकाल में संजय जालान ने विल पॉवर और पॉजिटिव विजिन (सकारात्मक सोच) को साथ लेकर ही काम किया है।
किस किस संस्था एवं समाज से हैं जुड़े
ट्रस्टी, ख्याटू श्याम मंदिर, बेंगलूरु
अग्रवाल समाज के सदस्य
सम्पत्थु में आजीवन सहयोग कर्ता
लायन्स क्लब सिरसा के सदस्य
रामलीला कमेटी हरियाणा के सदस्य
श्याम गोशाला के सहयोगी

जीवन की महत्वपूर्ण बातें -
1. समय को पहचानना।
2. इच्छा शक्ति से आगे बढऩा
3. शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता
4. सकारात्मक सोच
5. भविष्य की समझ

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